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बंगाल SIR- सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जानकारी मांगी:ट्रिब्यूनल के फैसलों में देरी पर कहा- इस रफ्तार से तो अगले इलेक्शन आ जाएंगे
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देश | दैनिक भास्कर
Hindi NewsNationalSupreme Court Seeks Details On Bengal Voter List Deletions | Election Commissionबंगाल SIR- सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जानकारी मांगी: ट्रिब्यूनल के फैसलों में देरी पर कहा- इस रफ्तार से तो अगले इलेक्शन आ जाएंगेनई दिल्ली 6 घंटे पहलेकॉपी लिंकसुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुनाव आयोग से पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में हटाए गए नामों से जुड़े मामलों की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने अपीलीय ट्रिब्यूनलों के फैसलों की डिटेल्स देने को कहा है।ये अपीलीय ट्रिब्यूनल उन लोगों की अर्जियों पर सुनवाई करते हैं, जिनके नाम बंगाल SIR के दौरान वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। कोर्ट ने ट्रिब्यूनल की संख्या, काम के घंटे और मामलों के निपटारे की रफ्तार जैसे मुद्दों की जांच करने पर सहमति जताई।याचिकाकर्ता ने कहा कि ट्रिब्यूनल लोगों की अपीलों पर तेजी से फैसला नहीं कर रहे। कोर्ट ने कहा कि ट्रिब्यूनल में मामलों के निपटारे के लिए कोई टाइमलाइन तय नहीं कर सकते।कोर्ट ने पूछा- कितनी अपील आईं, कितनों पर फैसला हुआकोर्ट ने EC से राज्य में SIR से जुड़े मामलों में कितनी अपीलें दाखिल हुईं, कितनों पर फैसला हुआ और कितने मामले अभी लंबित हैं, इसकी जानकारी मांगी है।इससे यह साफ होगा कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के खिलाफ लोगों की ओर से दाखिल अपीलों पर ट्रिब्यूनल ने अब तक कितनी कार्रवाई की है। ट्रिब्यूनल में करीब 34 लाख अपील पेंडिंग हैं।कोर्ट ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। चौधरी ने अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने SIR से जुड़े मामलों का जल्द निपटारा कराने की मांग की थी।कोर्ट रूम लाइव:याचिकाकर्ता के सीनियर एडवोकेट रऊफ रहीम- ट्रिब्यूनल वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की अपीलों पर तेजी से फैसला नहीं कर रहे हैं। अपील पेंडिंग रहने से लोगों को राशन जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। मामलों के निपटारे के लिए टाइमलाइन तय की जाए।ट्रिब्यूनल वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की अपीलों पर तेजी से फैसला नहीं कर रहे हैं। अपील पेंडिंग रहने से लोगों को राशन जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। मामलों के निपटारे के लिए टाइमलाइन तय की जाए। CJI सूर्यकांत- ट्रिब्यूनल ने अब तक कितनी अपीलों का निपटारा किया है।ट्रिब्यूनल ने अब तक कितनी अपीलों का निपटारा किया है। EC की ओर से सीनियर एडवोकेट दामा शेषाद्रि नायडू- वे इसका डेटा जुटाएंगे।CJI सूर्यकांत- अगर अपीलों पर फैसला लेने में बहुत समय लगा तो अगला चुनाव भी आ जाएगा।अगर अपीलों पर फैसला लेने में बहुत समय लगा तो अगला चुनाव भी आ जाएगा। दामा शेषाद्रि नायडू- अगर देरी की वजह लॉजिस्टिक समस्या है तो उसे दूर किया जाएगा और ट्रिब्यूनल से जुड़ी पूरी जानकारी ली जाएगी।अगर देरी की वजह लॉजिस्टिक समस्या है तो उसे दूर किया जाएगा और ट्रिब्यूनल से जुड़ी पूरी जानकारी ली जाएगी। एडवोकेट रऊफ रहीम- अब तक 1% से भी कम अपीलों का निपटारा हुआ है।अब तक 1% से भी कम अपीलों का निपटारा हुआ है। जस्टिस बागची- कोर्ट ट्रिब्यूनल की संख्या, काम के घंटे और डिस्पोजल रेट समेत पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेगा।बंगाल में वोटर लिस्ट से 58 लाख से ज्यादा नाम कटेपश्चिम बंगाल में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 58.20 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 7.66 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 7.08 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 58.20 लाख वोटर्स में से 24.17 लाख मृत पाए गए, 1.38 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, 32.65 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।SIR से जुड़ा अपडेट…चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को तीन चरणों में लागू किया है।पहला फेज: सबसे पहले SIR बिहार में लागू हुआ। फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था।दूसरा फेज: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में दूसरे चरण का SIR हुआ।तीसरा फेज: आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR शुरू किया है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं।.