विज्ञापनविमान में आखिर कब और कहां आए थे तेज झटके? कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा कि कई बार केबिन क्रू भी विमान में इधर-उधर नहीं जा सकता, क्योंकि सीट बेल्ट का संकेत चालू होता है और विमान टर्बुलेंस का सामना कर रहा होता है। ऐसे में केबिन क्रू के लिए विमान के अंदर घूमकर यात्रियों की जांच करना सही नहीं होता।तेज झटकों से विमान को कितना नुकसान हो सकता है? उन्होंने कहा कि अगर टर्बुलेंस मौसम की वजह से हो रहा है, तो आमतौर पर पायलट को इसकी जानकारी होती है, क्योंकि वह मौसम का रडार देख रहा होता है।ये भी पढ़ें:क्या पायलट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है? कैप्टन रंधावा ने पायलट के डोप टेस्ट को लेकर कहा कि एयरलाइन ने यह नहीं बताया है कि पायलट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसलिए किसी भी अदालत में जब तक सबूत किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करते, तब तक यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।उन्होंने कहा कि हर एयरलाइन रोजाना हजारों ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट करती है। क्या इन सभी टेस्ट में लोग पॉजिटिव पाए जाते हैं? कैप्टन रंधावा ने पायलट के डोप टेस्ट को लेकर कहा कि एयरलाइन ने यह नहीं बताया है कि पायलट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसलिए किसी भी अदालत में जब तक सबूत किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करते, तब तक यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।उन्होंने कहा कि हर एयरलाइन रोजाना हजारों ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट करती है। क्या इन सभी टेस्ट में लोग पॉजिटिव पाए जाते हैं?