रिपब्लिकन सीनेटर एरिक श्मिट ने अमेरिकी श्रम विभाग से पीईआरएम प्रक्रिया में व्यापक बदलाव करने की मांग की है। उनका आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था का दुरुपयोग कर कंपनियां अमेरिकी कर्मचारियों की जगह विदेशी श्रमिकों को मौका देती हैं। प्रस्ताव में अमेरिकी आवेदकों के रिकॉर्ड रखने, रिजेक्शन का कारण दर्ज करने, योग्य बेरोजगार अमेरिकियों को नौकरी की जानकारी देने और उनका इंटरव्यू लेने जैसे कड़े प्रावधान सुझाए गए हैं। चूंकि वित्त वर्ष 2025 में स्वीकृत एच-1बी याचिकाओं में 70 प्रतिशत भारतीयों की थीं, इसलिए प्रस्तावित बदलावों का असर भारतीय टेक प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल यह केवल बदलाव का प्रस्ताव है और इसका वास्तविक असर श्रम विभाग के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।विज्ञापन