विज्ञापनविपक्ष ने वॉकआउट क्यों किया? विज्ञापनविज्ञापनजेपी नड्डा ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए? विपक्ष के वॉकआउट के बाद सदन के नेता जेपी नड्डा ने इस कदम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे साफ हो गया है कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। नड्डा ने कहा कि करीब आठ घंटे तक चर्चा चली और हर सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मंत्री जवाब देने के लिए खड़े हुए, तभी प्रमोद तिवारी ने विरोध शुरू कर दिया, जो गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है।जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष को लोकतंत्र और संसदीय प्रक्रियाओं का सम्मान नहीं है। उनके अनुसार, अगर विपक्ष वास्तव में चर्चा में रुचि रखता तो वह मंत्री का जवाब सुनता। उन्होंने कहा कि मंत्री के जवाब से पहले सदन छोड़ देना यह दिखाता है कि विपक्ष बहस को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं रखता था।विधेयक से जुड़े प्रवाधानों में क्या आया सामने? पूरे दिन चली बहस के बाद भाजपा सांसद कविता पाटीदार ने अपना भाषण समाप्त किया। इसके बाद सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने जितेंद्र सिंह को चर्चा का जवाब देने के लिए बुलाया। इसी दौरान राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि बहस के दौरान लाठीचार्ज और गोलीबारी जैसे मुद्दे उठाए गए हैं, इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री नहीं आए हैं, इसलिए पहले उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।प्रमोद तिवारी की मांग को सभापति सी.पी.