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Guru Purnima 2026: आज गुरु पूर्णिमा पर करें ये शुभ दान, घर में आएगी सुख-समृद्धि
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Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala
विज्ञापनविज्ञापनविज्ञापनसनातन धर्म में अन्नदान को सबसे बड़ा दान माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा के दिन गरीबों, साधु-संतों, विद्यार्थियों या जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना अथवा गेहूं, चावल, दाल, आटा और अन्य खाद्य सामग्री का दान करने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती। अन्नदान से भगवान विष्णु और अन्नपूर्णा माता की कृपा भी प्राप्त होती है।गुरु पूर्णिमा ज्ञान का पर्व है, इसलिए इस दिन विद्यार्थियों को पुस्तकें, कॉपी, कलम या अन्य अध्ययन सामग्री का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। जरूरतमंद लोगों को नए वस्त्र, चादर या छाता दान करना भी पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि ज्ञान के प्रसार में किया गया सहयोग अनेक गुना फल प्रदान करता है और जीवन में उन्नति के मार्ग खोलता है।गुरु पूर्णिमा का संबंध गुरु तत्व और बृहस्पति से भी माना जाता है। इसलिए इस दिन हल्दी, चने की दाल, पीले फल, पीले वस्त्र, केसर या बेसन से बनी मिठाई का दान शुभ माना गया है। यदि संभव हो तो गौशाला में हरा चारा, गुड़ या पशुओं के लिए भोजन का दान करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौ सेवा और गौदान का विशेष पुण्य बताया गया है तथा इससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।गुरु पूर्णिमा पर श्रीमद्भगवद्गीता, रामचरितमानस, धार्मिक पुस्तकें, जपमाला, पूजा सामग्री या दीपदान करना भी शुभ माना गया है। ऐसा दान केवल भौतिक सहायता नहीं, बल्कि धर्म और ज्ञान के प्रसार का माध्यम भी बनता है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति दूसरों को ज्ञान प्राप्त करने में सहयोग देता है, उसे भी उसका पुण्य प्राप्त होता है।धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि दान का महत्व केवल वस्तु में नहीं, बल्कि दान देने वाले की भावना में होता है। इसलिए गुरु पूर्णिमा के दिन दान करते समय अहंकार या दिखावे का भाव नहीं होना चाहिए। सबसे पहले महर्षि वेदव्यास, अपने गुरु या भगवान विष्णु का पूजन करें, फिर श्रद्धापूर्वक दान दें और गुरु कृपा की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा, सेवा और दान का संगम जीवन में सुख-समृद्धि, यश और मानसिक शांति लेकर आता है तथा घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।