1 of 6 FASTag - फोटो : PTIभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) ने FASTag (फास्टैग) से जुड़ा एक बड़ा बदलाव घोषित किया है। 1 फरवरी 2026 से नए फास्टैग जारी करते समय लागू रहने वाली Know Your Vehicle (अपने वाहन को जानें) (KYV) (केवाईवी) प्रक्रिया को खत्म किया जा रहा है। यह नियम निजी वाहनों कार, जीप और वैन पर लागू होगा।इसका मकसद फास्टैग एक्टिवेशन के बाद आने वाली दिक्कतों को खत्म करना, कागजी कार्रवाई कम करना और देशभर के टोल प्लाजा पर भुगतान को तेज और आसान बनाना है।Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं2 of 6 fastag toll pass - फोटो : Adobe StockFASTag क्या होता है? फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टैग है, जो रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर काम करता है। इसे वाहन के फ्रंट विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है।जैसे ही वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है, टैग स्कैन होता है और टोल शुल्क सीधे फास्टैग से जुड़े बैंक अकाउंट या वॉलेट से कट जाता है। इससे रुकने की जरूरत नहीं पड़ती और यात्रा सुचारू रहती है।नए नियम में क्या बदला है, NHAI क्या कहता है? एनएचएआई के मुताबिक, अब नए फास्टैग के लिए KYV स्टेप की जरूरत नहीं होगी। पहले वाहन मालिकों को टैग एक्टिव होने के बाद भी बार-बार दस्तावेज अपलोड करने, फोटो भेजने या दोबारा वेरिफिकेशन से गुजरना पड़ता था।इस वजह से कई बार बैंक या कस्टमर केयर से कॉल आते थे और सही दस्तावेज होने के बावजूद फास्टैग सस्पेंड हो जाता था। नए नियमों के तहत यह परेशानी खत्म हो जाएगी।यह भी पढ़ें - Economic Survey 2026: भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार छह साल में 63% CAGR से बढ़ा, आर्थिक सर्वेक्षण में दिखी रफ्तारविज्ञापन विज्ञापन3 of 6 fastag toll pass - फोटो : Adobe Stock1 फरवरी 2026 से लागू नए FASTag नियमएनएचएआई ने साफ किया है कि 1 फरवरी 2026 या उसके बाद जारी किए गए सभी नए फास्टैग को एक्टिवेशन से पहले पूरी तरह वेरिफाई किया जाएगा।एक बार टैग एक्टिव हो जाने के बाद, सामान्य परिस्थितियों में यूजर उसे तुरंत इस्तेमाल कर सकेगा। बाद में किसी अतिरिक्त जांच की जरूरत नहीं पड़ेगी।अब बैंक करेंगे पहले से वेरिफिकेशननए सिस्टम में फास्टैग जारी करने वाले बैंक वाहन की जानकारी का प्री-वैलिडेशन VAHAN डेटाबेस के जरिए करेंगे।इससे वाहन का रजिस्ट्रेशन डेटा पहले ही कन्फर्म हो जाएगा।कुछ खास मामलों में रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) का इस्तेमाल क्रॉस-वेरिफिकेशन के लिए किया जा सकता है। इस बदलाव से वेरिफिकेशन की पूरी जिम्मेदारी बैंकों पर होगी और गलत जानकारी के साथ टैग जारी होने की संभावना कम हो जाएगी।यह भी पढ़ें - Economic Survey 2026: वैश्विक बाजार में बढ़ा भरोसा, भारतीय ऑटो उद्योग ने छुआ रिकॉर्ड निर्यात स्तर4 of 6 fastag annual pass - फोटो : Adobe Stockविज्ञापन5 of 6 Fastag Annual Pass - फोटो : X