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Union Budget 2026: टैरिफ जंग के बीच मोदी सरकार का आक्रामक सुधार एजेंडा, बजट से विकास को मिलेगी नई रफ्तार
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Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala
और पढ़ेंTrending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएंदरअसल, मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में सुधारों के अच्छे परिणाम दिखे हैं। महज एक साल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 73 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़त देखने को मिली है। इस दौरान 47 अरब डॉलर का निवेश भारत आया। उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के कारण विनिर्माण और निर्यात में भी 20 फीसदी की वृद्धि हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात ने 37 फीसदी की छलांग लगाई और पहली बार 4.15 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। स्मार्टफोन निर्यात भी 30 अरब डॉलर के पार है। बजट इन्हीं सफलताओं को नया आधार देगा। विज्ञापन विज्ञापन8.2% की मजबूत दर से बढ़ी थी जीडीपी दूसरी तिमाही में अमेरिका पर निर्यात निर्भरता घटाने पर जोर: भारत अब तक 27 देशों से मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) कर चुका है। इस साल एक दर्जन और देशों से समझौते होने हैं। सरकार की रणनीति साफ है। अमेरिका पर निर्यात निर्भरता कम करनी है और नए बाजार तलाशने हैं।भारत अब तक 27 देशों से मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) कर चुका है। इस साल एक दर्जन और देशों से समझौते होने हैं। सरकार की रणनीति साफ है। अमेरिका पर निर्यात निर्भरता कम करनी है और नए बाजार तलाशने हैं। 150 लाख करोड़ का दांव और आसान व्यापार: सरकार 150 लाख करोड़ रुपये की इन्फ्रा पाइपलाइन पर खर्च जारी रखेगी। कारोबार सुगमता को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है। 1,000 करोड़ का डिजिटलीकरण कोष बनाया जा सकता है। इसका मकसद कंपनियों को कागजी मकड़जाल से मुक्ति दिलाना है।सरकार 150 लाख करोड़ रुपये की इन्फ्रा पाइपलाइन पर खर्च जारी रखेगी। कारोबार सुगमता को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है। 1,000 करोड़ का डिजिटलीकरण कोष बनाया जा सकता है। इसका मकसद कंपनियों को कागजी मकड़जाल से मुक्ति दिलाना है। सुधारों का सफर:- 3.0 का आगाज: सुधारों के लिहाज से मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल सबसे आक्रामक होने वाला है। नए श्रम कानून, एफडीआई सीमाओं में ढील और मध्य वर्ग को टैक्स में राहत इसके स्पष्ट संकेत हैं। सरकार अब रिफॉर्म एक्सप्रेस को रुकने नहीं देगी। निवेश के लिए बनेगा रणनीतिक कोष 10 नए रिसर्च केंद्रों के जरिये तकनीक की नई उड़ान की तैयारी73%की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है एफडीआई में सुधारों के दम पर सुधार के चार स्तंभ स्ट्रैटेजिक फंड : हरित ऊर्जा और स्किलिंग के लिए विशेष निवेश कोष।हरित ऊर्जा और स्किलिंग के लिए विशेष निवेश कोष। डिजिटलीकरण कोष : व्यापार को आसान बनाने के लिए 1,000 करोड़ का समर्पित फंड।व्यापार को आसान बनाने के लिए 1,000 करोड़ का समर्पित फंड। नए बाजार : टैरिफ वॉर के बीच एफटीआई व बीआईआई के जरिये ग्लोबल मार्केट पर नजर।: टैरिफ वॉर के बीच एफटीआई व बीआईआई के जरिये ग्लोबल मार्केट पर नजर। अनुसंधान केंद्र : नवाचार के लिए देशभर में 10 नए उन्नत केंद्र खोले जाएंगे।दरअसल, मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में सुधारों के अच्छे परिणाम दिखे हैं। महज एक साल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 73 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़त देखने को मिली है। इस दौरान 47 अरब डॉलर का निवेश भारत आया। उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के कारण विनिर्माण और निर्यात में भी 20 फीसदी की वृद्धि हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात ने 37 फीसदी की छलांग लगाई और पहली बार 4.15 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। स्मार्टफोन निर्यात भी 30 अरब डॉलर के पार है। बजट इन्हीं सफलताओं को नया आधार देगा।वैश्विक अर्थव्यवस्था में उच्च अमेरिकी टैरिफ से हड़कंप मचा है। भू-राजनीति तेजी से बदल रही है। ऐसे चुनौतीभरे माहौल के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को सुधार आधारित बजट पेश करने जा रही हैं। यह बजट देश की विकास दर को रफ्तार देने वाला होगा। साथ ही, भारत को सुरक्षित निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। बजट-2026 का सीधा संदेश है...आक्रामक सुधार और तेज वृद्धि। रिकॉर्ड नौवीं बार बजट पेश करने जा रहीं वित्त मंत्री निवेश बढ़ाने के लिए इंडिया डेवलपमेंट एंड स्ट्रैटेजिक फंड की घोषणा कर सकती हैं। यह फंड हरित ऊर्जा, एमएसएमई और युवा कौशल विकास की दिशा बदलने वाला होगा।