None
EN
Comment on पलामू के आदिम जनजातियों के समक्ष कोरोना काल के उपरांत की चुनौतियां by Pradeep kumar
['Achchhelal Prajapati', 'Tabrej Aalam अच छ ल ल प रज पत', 'और तबर ज', 'अच छ ल ल प रज पत']
Comments for Forward Press
झारखंड के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित जिला पलामू की वही स्थिति है। 2011 की भारत की जनगणना के अनुसार, पलामू की जनसंख्या 19 लाख 39 हजार 869 है। आबादी के लिहाज से यह झारखंड के 24 जिलों में छठे स्थान पर है। यहां की आबादी में अनुसूचित जाति की 27.65 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति की 9.34 प्रतिशतहिस्सेदारी है। यहां पीवीटीजी समूहों की आबादी काफी कम है। लेकिन जितने भी हैंं, बदहाली के शिकार हैं। वे अपनी आजीविका वनों और भूमि संसाधनों से प्राप्त करते हैं। उनमें साक्षरता का स्तर बहुत कम है और वे खराब स्वास्थ्य स्थितियों से रहने को मजबूर हैं। क्षेत्र अवलोकन के दौरान यह देखा गया है कि वे औपचारिक शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य, परिवहन और पीने के पानी से वंचित हैं। जिले में पीवीटीजी की सामाजिक-आर्थिक स्थिति दयनीय है और इसका विश्लेषण उनके जीवन स्तर और दैनिक जीवन के संघर्ष से किया जा सकता है। कोराेना महामारी संकट का…