भारत में उच्च शिक्षण संस्थान शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। इस बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के द्वारा कई अवसरों पर ऐसे संकेत दिए गए कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में ढील दी जाएगी। मसलन असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति के लिए पीएचडी डिग्री धारकों को राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया जाएगा। वहीं, ये खबरें भी आईं कि पीएचडी डिग्रीधारकों के लिए स्नातकोत्तर में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता को भी खत्म किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बीते 28 नवंबर को अनेक अखबारों ने यह खबर प्रकाशित की कि यदि किसी अभ्यर्थी ने मान्यता प्राप्त विदेशी संस्थानों से पीएचडी की डिग्री हासिल की है, तो उसकी सीधी नियुक्ति हो सकती है। खबरों में यह भी कहा गया कि “इससे पहले पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री और…