ऐप्पल वॉच के लाइफ-सेविंग फीचर्स को लेकर दुनिया के किसी न किसी कोने से कोई न कोई कहानी सामने आती ही रहती है। हालांकि, कुछ किस्से ऐसे होते हैं तो किसी को भी हैरान परेशान कर सकते हैं। असल में ऐसा ही कुछ एक नई घटना में भी हुआ है। इस घटना के बाद एक बार फिर एप्पल की इस स्मार्टवॉच ने साबित कर दिया है कि यह सिर्फ एक टेक गैजेट नहीं बल्कि कलाई पर बंधा हुआ एक पर्सनल लाइफ-सेवर भी है। एक नए मामले की बात करें तो यह अमेरिका से सामने आ रहा है, अमेरिका के ओहियो में एक शख्स की जान Apple Watch की ओर से ही बचाई जाने की खबरें मिल रही है। आइए जानते हैं कि आखिर मसला क्या है और कैसे यह फीचर काम करता है।Survey✅ Thank you for completing the survey! जानकारी के अनुसार अमेरिका के ओहियो से सामने आ रही है। नई घटना में एक शख्स की जान बचाने की घटना है, उसने अपनी कलाई पर एप्पल वॉच बांधी हुई थी और वह अपने घर में अचानक ही गिर गया। इसके बाद एप्पल वॉच के ‘फॉल डिटेक्शन’ (Fall Detection) फीचर ने समय पर इमरजेंसी सर्विसेज को ऑटोमैटिक कॉल लगाकर बचा ली। इस समय वह अपने घर पर ही तबीयत बिगड़ जाने के बाद काम कर रहे थे, हालांकि, इसी बीच उन्हें सांस लेने में तकलीफ, कान के पास दर्द और चलने में परेशानी महसूस हुई। इस स्थिति में वह अपने पैरों पर तिक नहीं पाए और जमीन पर गिर गए। इसके बाद आप जानते हैं कि एप्पल वॉच की ओर से क्या कदम उठाया गया।Apple Watch ने बुला ली आपातकाल सेवाजब इस शख्स को बेहोशी से कुछ समय के बाद होश आया तो वह जमीन पर बेसुध पड़ा था और पसीने से पूरी तरह से नहाया हुआ था। जैसे तैसे उन्होंने खुद को संभाला और बैठ गए, और ठीक उसी वक्त उन्हें दूर से आती हुई एम्बुलेंस के सायरन की आवाज सुनाई दी। उन्हें उस समय अहसास हुआ कि उनकी कलाई पर बंधी एप्पल वॉच ने उनके जोर से गिरने को तुरंत भांप लिया था और उनके बेसुध पड़े रहने पर खुद-ब-खुद 911 यानी इमरजेंसी सर्विसेज को कॉल मिला दिया था।मौके पर पहुंचे पैरामेडिक्स ने उन्हें तुरंत यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों की जांच में खुलासा हुआ कि उनके फेफड़ों में खून के थक्के जम गए थे। मोहम्मद का कहना है कि अगर उनकी घड़ी ने सही समय पर कॉल न लगाई होती, तो शायद वे आज जिंदा न होते।कैसे काम करता है Apple Watch का फॉल डिटेक्शन फीचर? तकनीकी रूप से समझें तो एप्पल वॉच का यह फॉल डिटेक्शन फीचर एप्पल वॉच सीरीज 4 या उससे नए मॉडल्स, वॉच एसई (SE) और वॉच अल्ट्रा (Ultra) में मिलता है। जब भी स्मार्टवॉच को किसी यूजर के जोर से गिरने का अहसास होता है, तो वह कलाई पर थपथपाकर और अलार्म बजाकर स्क्रीन पर अलर्ट दिखाती है। अगर यूजर हिल-डुल रहा है, तो वॉच उनके जवाब का इंतजार करती है और अपने आप कॉल नहीं लगाती। लेकिन अगर यूजर गिरने के बाद लगभग एक मिनट तक बिल्कुल भी हरकत नहीं करता, तो घड़ी 30 सेकंड का एक काउंटडाउन शुरू कर देती है और अलार्म की आवाज तेज होती जाती है।इस समय सीमा के अंदर भी अगर कोई रेस्पॉन्स नहीं आता है तो वॉच अपने आप लोकल इमरजेंसी सर्विसेज को डायल कर देती है, यूजर की सटीक लोकेशन शेयर करती है और उनके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स को भी मैसेज भेज देती है। 55 साल या उससे अधिक उम्र के यूज़र्स के लिए यह फीचर बाय-डिफ़ॉल्ट ऑन रहता है, जबकि 18 से 54 साल के लोग इसे अपने आईफोन की ‘वॉच’ ऐप में इमरजेंसी एसओएस सेटिंग्स के जरिए ऑन कर सकते हैं।यह भी पढ़ें: जमीन पर गिरने के बाद आपातकाल सेवाओं को अपने आप ही किया कॉल।