ऐसे में आप अनुमान लगा सकते हैं कि बजट के बाद स्मार्टफोन की कीमत में आग लगेगी या नहीं. यूनियन बजट पर उपभोक्ताओं के साथ-साथ इंडस्ट्री की नजरें भी इस बात पर टिकी हैं कि स्मार्टफोन की कीमतें किस करवट बैठेंगी. इससे यह डर पैदा हो गया है कि क्या यह बजट कीमतों में और बढ़ोतरी का कारण बनेगा. एक्सपर्ट्स की राय: AI और पार्ट्स की कमीइंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मांग बढ़ने से मेमोरी चिप्स और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स की कमी हो गई है. लेकिन बजट की दिशा यह तय करेगी कि लंबे समय में स्मार्टफोन सस्ते होंगे या महंगे.